राउंडग्लास फाउंडेशन लॉक डाउन के सख्त कायदों से जूझ रहे पंजाब के दिहाड़ी मजदूरों और बुजुर्गों के बचाव में सामने आया है। सीएटल में रह रहे एनआरआई सन्नी सिंह की आर्थिक मदद से चल रहे इस फाउंडेशन ने 10 जिलों के 8000 से ज़्यादा परिवारों को खाने का सामान मुहैया कराया है।

‘हम 432 गांवों में काम करते रहे हैं। हमारे स्थानीय कार्यकर्ता हैं और गांवों के मुखियाओं से संपर्क हैं। उनके ज़रिए ही हमें पता चला कि हालात बहुत गंभीर हैं; बुजुर्ग, विकलांग और मज़दूर सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। हमने 2 अप्रैल से ही एक योजना बनाकर इन लोगों में खाने का सामान बांटना शुरू किया। अब तक हम 307 गांवों तक पहुंच चुके हैं’, राउंडग्लास फाउंडेशन की प्रमुख प्रेरणा लंगा बताती हैं।

राउंडग्लास ने अब तक 8,328 परिवारों को खाने के सामान के पैकेट बांटे हैं। सामान में आटा‌, चावल‌, दाल, खाने का तेल और मसाले हैं जो चार या पांच लोगों के परिवार के 15 दिन तक गुजारे के लिए पर्याप्त हैं। फाउंडेशन जिला प्रशासन की मदद से तय करता है कि किन लोगों की पहले सहायता की जानी है।


‘हम उन गांवों को ले रहे हैं जहां हम पहले से काम कर रहे हैं; हम गांव के प्रशासन से प्राथमिक सूचना जुटाते हैं और फिर अपने कार्यकर्ताओं की मदद से बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, विकलांग लोगों और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों की पहचान करते हैं,’ प्रेरणा कहती हैं।

‘हमारी मुहिम के लिए मूलतः हमारे संस्थापक सन्नी सिंह की ओर से पैसा मिल रहा है। साथ ही हमें नागरिक दानदाताओं से भी आर्थिक मदद मिल रही है। हमारे कर्मचारियों ने भी एक दिन का वेतन दिया है।’

राउंडग्लास फाउंडेशन पंजाब के गांवों में बच्चों और नौजवानों को जोड़ते हुएवृक्षारोपण, ठोस कचरा प्रबंधन और शिक्षा के क्षेत्र में काम करता रहा है।