जब पंजाब का पठलावा गांव कन्टेनमेंट ज़ोन घोषित कर सील कर दिया गया, तब शेष भारत कोविड-19 संकट की हक़ीक़तों के प्रति जागरूक ही हो रहा था। यह देश के शुरुआती उन जगहों में था जिसने सख़्ती से क्वारंटीन का सामना किया। गांववाले भय और अनिश्चितता के गहरे भंवर में धकेल दिए गए थे। प्रशासन का सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिला तो हरप्रीत सिंह की अगुवाई में युवाओं की एक फ़ौज ने वॉलेंटियर ग्रुप बनाया और खुले दिल से समाज की सेवा और मदद में लग गए।

शत्रुघ्न सिन्हा ने हरप्रीत सिंह से उनके काम और ज़मीनी हालात के बारे में बात की।