ये तो हम सब जानते ही हैं कि बगैर पंडित के कोई भी शादी संपन्न नहीं हो सकती। लेकिन इस लॉकडाउन में जहां अधिकांश शादियां टाल दी गयी हैं। इसी बीच एक शादी कई मायनों में बिल्कुल खास बन गई है। इस शादी में खाकी वर्दी ने पंडित की भूमिका निभाते हुए शादी संपन्न कराई है। वहीं बता दूं कि खाकी वर्दी में कोई पुरुष नहीं बल्कि एक महिला एसआई थी। 

यह किस्सा मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर ज़िले के झोतेश्वर गांव का है। जहां लक्ष्मण चौधरी की शादी नरसिंहपुर के इतवारा बाजार की रहने वाली ऋतु चौधरी के साथ करीब चार महीने पहले तय की गयी थी। लॉकडाउन में विवाह करने के लिए लक्ष्मण चौधरी ने गांव के सरपंच व ज़िला प्रशासन से अनुमति ले ली और शादी के लिए झोतेश्वर के शिव-पार्वती मंदिर पहुंच गए। लेकिन संक्रमण के कारण विवाह संपन्न कराने के लिए कोई पंडित नहीं मिल रहा था। 

इसी बीच गश्त पर निकली झोतेश्वर की चौकी प्रभारी एसआई अंजली अग्निहोत्री मंदिर पहुंची और वर-वधु पक्ष ने उन्हें अपनी परेशानी बताई और उनसे इस शादी को संपन्न कराने का आग्रह किया। उनकी परेशानियों को देखते हुए वह पंडित की भूमिका निभाने के लिए तैयार हो गयी। 

अंजली ने बताया कि इस शादी को संपन्न कराने के लिए कई तरह के अरेंजमेंट करना पड़ा। शादी से जुड़े मंत्र और रस्में पूरी करने के लिए उन्होंने गूगल का सहयोग लिया और विवाह पद्धती डाउनलोड कर उन्होंने मंत्रोच्चारण किया। मंदिर बंद होने के कारण फेरे के लिए हवन वेदी के स्थान पर दीया जलाया गया और मंत्रों के साथ दीये और मंदिर के फेरे कराए गए। साथ ही फूलों की कमीं को दूर करने के लिए मंदिर में भगवान पर चढाएं गए फूलों से वर-वधु पर पुष्पवर्षा किया गया और मिष्ठान की कमीं शक्कर ने पूरी कर दी। उन्होंने सात वचनों के साथ वर-वधू को क़ानून की जानकारी भी दी।

एसआई ने कहा कि मंदिर परिसर में वर-वधु को लेकर कुल 10 लोग मौजूद थे। इस विवाह में लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन किया गया। वहीं, वर लक्ष्मण चौधरी ने कहा कि ज़िला प्रशासन की सहयोग से हमारी शादी संपन्न हो गयी है। लोगों से अनुरोध है कि अपने घरों में रहें और सुरक्षित रहें। इस शादी के संपन्न होने की खुशी वर-वधु और पंडित बनी एसआई के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है।