मशहूर कवि अल्लामा इक़बाल का यह शेर तो आपने सुना ही होगा – 
“मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा”


मज़हबी नफ़रतों के इस दौर में हमें सांप्रदायिक एकता की मिसाल देखने को मिल ही जाती है। धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश मानवता के सामने हमेशा बौना साबित होतीरही है। 

ऐसा ही एक वीडियो पद्म श्री से सम्मानित भारत के जाने माने हिंदी टेलीविजन के वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ ने शेयर किया है।इस वीडियो में आप देखेंगे कि, एक शख्स नमाज़ अदा कर रहे हैं और विनोद दआ हिंदू परंपरा में पूजा करने की विधि के अनुसार अपना दोनों हाथ जोड़कर उसके साथ में खड़े हैं। 

अपने फेसबुक वॉल पर यह वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है कि, “मेरे सहकर्मी, कैमरा पर्सन एज़ाज खान ने मेरे अव्यवस्थित कमरे में अपना रोज़ा खोला और मुझे खुशी है कि मैं उनके साथ नमाज़ में शामिल हूं। यह सवाब (नेकी), शुभकर्म है। यह हमारे माता-पिता ने हमें सिखाया है और यहीं है जो हमारे भारत को बचाएगा।”

एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा ऐसा वीडियो शेयर किया जाना बहुत खुशी की बात है। आप भी यह वीडियो ज़रुर देखें।

My colleague, camera person Aijaz breaks his Roza in my cluttered room and I am blessed to join him in Namaaz. This is Savaab, Shubh Karam.This is what our parents taught us and this is what will save India my beautiful beloved INDIA.

Vinod Dua यांनी वर पोस्ट केले शुक्रवार, ८ मे, २०२०